Jharkhand:PM Awas Yojana के तर्ज पर झारखंड में मिलेंगे Abua Awas Yojana

Jharkhand:PM आवास योजना के तर्ज पर झारखंड में मिलेंगे Abua Awas Yojana

झारखंड में अबुआ आवास योजना के तहत सरकार ने बेहतरीन योजनाओं की घोषणा की है, जिसमें लोगों को आवास प्रदान करने से लेकर कार्य संपादन तक की जिम्मेदारी पर PMU की बनाई जा रही है। यहां तक कि लाभुकों के चयन से लेकर अनुबंध कर्मियों की नियुक्ति तक, सभी कार्यों में एक तहत जिम्मेदारी होगी।

Abua Awas Yojana:

Jharkhand:PM Awas Yojana के तर्ज पर झारखंड में मिलेंगे Abua Awas Yojana

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा राज्य के विभिन्न वर्ग के लोगों के कल्याण हेतु विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा हैं। हाल ही में 77 वें स्वतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा राज्य के सभी परिवारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एक नई योजना को शुरू करने की घोषणा की है। जिसका नाम अबुआ आवास योजना है। झारखंड अबुआ आवास योजना के तहत राज्य के गरीब जरूरतमंद परिवारों को तीन कमरों वाला मकान उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि बिना किसी परेशानी के राज्य के नागरिक पक्का मकान प्राप्त कर अपना जीवन व्यतीत कर सकें।

Abua Awas Yojana 2023 के लिए पात्रता

  • आवेदक को झारखंड राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
  • केवल जरूरतमंद गरीब पारिवारिक इस योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे जिनके पास रहने के लिए मकान नहीं है।
  • जो लोग पीएम आवास योजना का लाभ ले चुके हैं उन्हें अबुआ आवास योजना का लाभ देने के लिए पात्र नहीं होंगे।

Abua Awas Yojana के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • राशन कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक खाता

PMU की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ

प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (PMU) को सभी लाभुकों के चयन से लेकर सामाजिक अंकेक्षण तक की सभी जिम्मेदारियाँ सौंपी जा रही हैं। इससे योजना को पूर्ण रूप देने के लिए पूरी टीम मेहनत कर रही है और उनका मुख्य उद्देश्य योजना को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।अबुआ आवास योजना के लिए अलग से गठित होगी PMU, लाभुकों के चयन से लेकर कार्य संपादन तक की रहेगी जिम्मेदारी।

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आवासों का निर्माण: 2026 तक लक्ष्य

योजना के अनुसार, वर्ष 2026 तक आठ लाख आवासों का निर्माण किया जाएगा। इसमें शामिल होने वाले तीन कमरों के आवास का निर्माण दो लाख रुपये की लागत से किया जाएगा, जो राज्य सरकार द्वारा लाभुकों को उपलब्ध कराया जाएगा।इसके लिए, 331 वर्ग मीटर में निर्माण के लिए शत प्रतिशत वित्तीय सहायता राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।

योजना के लिए राशि का प्रविधान ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के वार्षिक बजट में किया जाएगा।राज्य स्तर पर कार्यक्रम निधि का 2 प्रतिशत राज्य स्तर पर योजना के प्रशासनिक संचालन के लिए उपलब्ध होगा। इस राशि का आवंटन जिलों को मांग एवं उपयोगिता के आधार पर किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक निधि से अनुमान्य व्यय लाभार्थियों को जागरूक करने में सहायक होगा।

कार्यक्रमों और परियोजनाओं का प्रबंधन: पीएमयू की जिम्मेदारियाँ

पीएमयू को हाउस प्रोटोटाइप का निर्माण करने के साथ-साथ आईटी, संचार प्रणालियों के क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण, निगरानी, कार्यालय-व्यय, आकस्मिक व्यय/डाटा एंट्री आदि के कार्यों का प्रबंधन करना होगा। इसके साथ ही, सामाजिक अंकेक्षण, इंफोर्मेशन, एजुकेशन और कम्युनिकेशन गतिविधियों का भी संचालन किया जाएगा।

ग्राम पंचायत से लेकर स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियाँ

प्रधानमंत्री आवास योजना की जिम्मेदारियों में ग्राम पंचायत से लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में प्राथमिक लाभुकों की सूची का दीवार लेखन, प्रशिक्षित राजमिस्त्री की सूची का दीवार लेखन आदि शामिल हैं।पीएमयू की जिम्मेदारियों में अधिकारियों और पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण भी शामिल होगा, जिससे योजना की सफलता में सहायक हो सकेगा।

इसमें क्लस्टर रिसोर्स पर्सन को मानदेय और गैर-सरकारी संगठनों को सेवा शुल्क का भुगतान भी शामिल है।कुल मिलाकर, पीएमयू को नए ऊंचाइयों की प्राप्ति के लिए एक बड़ा लक्ष्य दिया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि झारखंड में अबुआ आवास योजना सफलता के शिखर तक पहुंचती है।

निष्कर्ष

झारखंड में अबुआ आवास योजना का पूरा प्रमाण, उद्देश्य और योजना कार्यान्वयन परिस्थितियों के साथ जिक्र करता है। PMU की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से लेकर आवासों के निर्माण तक कई पहलुओं पर बात करता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह योजना लाभुकों के लिए सुखद परिणामों के साथ समृद्धि की दिशा में कदम से कदम मिलाकर बढ़ रही है।

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