Jharkhand News:देवघर के अजय बराज में हादसा, 2 बच्चों सहित 5 लोगों की मौत

Jharkhand News:देवघर के अजय बराज में हादसा, 2 बच्चों सहित 5 लोगों की मौत

झारखंड के देवघर में हुए बड़े हादसे के बारे में सुनकर सभी की आंखें बड़ी हैरानी से खुल गईं। सारठ प्रखंड के चितरा थाना क्षेत्र में स्थित अजय बराज में बोलेरो  गिर गई और इस हादसे में दो बच्चों सहित पाँच लोगों की मौत हो गई। इस लेख में, हम इस चौंकाने वाले घटना को गहराई से समझेंगे और उसकी कई पहलुओं को छूने का प्रयास करेंगे।

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घटना का विवरण

झारखंड के देवघर में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया सारठ प्रखंड के चितरा थाना  के सिकटिया स्थित अजय बैराज में बोलेरो गिर गई उसमे सवार दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सभी को बाहर निकाला जानकारी के अनुसार एक ही परिवार के सभी सदस्य बोलेरो से आसनसोल से गिरिडीह जा रहे थे।

रास्ते में सिकटिया के पास बोलोरो दुर्घटनाग्रस्त हो गया फिर अजय बराज में गिर गया उसमे सवार दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत मौत हो गई एक व्यक्ति बचने में सफल रहा आसनसोल संकुल मनोज चौधरी की बेटी दामाद बच्चे बोलेरो से सवार होकर गिरिडीह जा रहे थे तब यह हादसा हो गया स्थान लोग बड़ी संख्या में मदद के लिए दौड़े उन्होंने बैराज में उतरकर लोगों को निकाल लेकिन तब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी थी।

अजय बराज: सुरक्षा की स्थिति

घटना के पीछे क्या कारण हो सकता है इसका पता लगाना चर्चा का विषय हो सकता है स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया कि ऐसी दुर्घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं लेकिन शासन प्रशासन इस पर कोई खास ध्यान नहीं देती है फिर भी स्थानीय लोगों द्वारा दुर्घटनाग्रस्त स्थल पर पहुंचकर मदद की पेशकश काबिले तारीफ थी दुर्भाग्यवस परिवार की जान नहीं बच पाई इस दुखद घटना के लिए प्रत्येक स्थानीय लोगों द्वारा गुस्सा और खेद प्रकट किया है।

मौतों का आंकड़ा

इस हादसे में दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी स्थानीय लोगों द्वारा प्राप्त जानकारी से पता चला है की सभी एक ही परिवार के सदस्य को मरने वालों में आसनसोल संकुल मनोज चौधरी की बेटी दामाद उनके बच्चे बताए जा रहे हैं।चितरा थाना प्रभारी राजीव कुमार, मुखिया महादेव सिंह व स्थानीय ग्रामीणों ने शवों को पानी से बाहर निकाला. हादसे वाली जगह पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. हादसे की जो तस्वार सामने आई है उसमें एक बुजुर्ग अपने हाथ में एक मासूम को लेकर जाता दिख रहा है.

निष्कर्ष

इस हादसे ने हमें यह सिखाया है कि आपत्कालीन परिस्थितियों में सुरक्षा की महत्वपूर्णता को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है। हमें सभी को मिलकर सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए ताकि ऐसी दुखद घटनाएं होने से रोका जा सके।जरा सोच कर देखिएआज एक ही परिवार पांच सदस्यों के दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी है इसका दोषी किसे ठहराया जा सकता है प्रशासन तो अपना काम करती रही है लेकिन इस मानवीय जीवन में अपनी भी कुछ जिम्मेदारी बनती है जिसे सभी मानव को अनुशासनपूर्वक करते रहना चाहिए।

 

 

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