Israel-Palestine War: मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने की मुसलमान से अपील

Israel-Palestine War: मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने की मुसलमान से अपील

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने हाल ही में फ़िलिस्तीन के समर्थन में सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करने की बजाय भारतीय मुसलमानों को शांति के लिए कार्रवाई करने की सलाह दी है। उनका मानववादी दृष्टिकोण है कि सड़कों पर धरना-प्रदर्शन से बचकर शांतिपूर्ण समाधानों की दिशा में कदम बढ़ाया जाए।

इस्लाम का संदेश और विश्वशांति

मौलाना का कहना है कि इस्लाम धर्म ने सदैव विश्वशांति की प्रेरणा की है। पैग़म्बरे इस्लाम ने दुनिया को अमन और शांति की शिक्षा दी है, और इसके अनुयायियों को इंसानियत का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया है। इस्लाम में निर्दोष लोगों की जान को बचाने का मूल्यवान सिद्धांत है और इसके अनुयायियों को बेगुनाह लोगों की सुरक्षा के लिए उठाई जाने वाली हर जंग का समर्थन करना चाहिए।

जंग के खिलाफ: मानवता का मुद्दा

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने खुलकर कहा है कि जंग से कोई भी फायदा नहीं हो सकता है और इससे सिर्फ नुक़सान ही होगा।मौलाना ने भारत सरकार और यूएन से शांतिपूर्ण समाधान के लिए त्वरित कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप करने से ही समस्या का हल संभव है।उनका मानना ​​है कि इंसानियत के लिए बेहतर है कि लोग शांतिपूर्ण बातचीत का समर्थन करें और समस्याओं का समाधान निकालें।

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फिलिस्तीन और इजरायल: शांतिपूर्ण बातचीत की आवश्यकता

विश्वभर में चर्चा का विषय बने इजरायल-फिलिस्तीन विवाद को लेकर मौलाना ने कहा है कि शांतिपूर्ण बातचीत से ही यह मुद्दा हल हो सकता है। उन्होंने फिलिस्तीनी और इसराइली प्रतिष्ठान्ता के बीच समझौते की आवश्यकता को बताया और विश्व समुदाय से इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है।

मौलाना की अपील: संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत सरकार के प्रति

मौलाना ने आगे बढ़ते हुए कहा कि हमें संयुक्त राष्ट्र, भारत सरकार और अन्य अंतरराष्ट्रीय शक्तियों से फौरी तौर पर हस्तक्षेप करने और शत्रुता को रोकने की अपील करनी चाहिए। उनका मानना ​​है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस मुद्दे में पहल करने से अच्छे परिणाम हो सकते हैं।मौलाना का आगाह करना है कि सड़कों पर धरना-प्रदर्शन का नकारात्मक प्रभाव हो सकता है और बेहतर है कि लोग अपने घरों और मस्जिदों में जंग बंदी और फिलिस्तीनी मुसलमानों की हिफाजत के लिए दुआ करें।

समापन

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फिलिस्तीन-इसराइल संघर्ष को शांतिपूर्ण रास्ते से हल करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय को सड़कों पर धरना-प्रदर्शन की बजाय आपसी एकता बनाए रखने का सुझाव दिया है। उनके अनुसार, इस्लाम शांति और समर्पण का सिद्धांत लाता है, और यही सिद्धांत हमें भी अपनाना चाहिए।

FAQs

  1. क्या सड़कों पर धरना-प्रदर्शन से कोई फायदा हो सकता है?
    • मौलाना के मुताबिक, नहीं, इससे नुक़सान ही होगा।
  2. क्या इस्लाम विश्वशांति का समर्थन करता है?
    • हां, मौलाना के अनुसार, इस्लाम विश्वशांति की प्रेरणा करता है।
  3. इजरायल-फिलिस्तीन विवाद का हल कैसे संभव है?
    • मौलाना के अनुसार, शांतिपूर्ण बातचीत से ही इस मुद्दे का हल संभव है।
  4. मौलाना की अपील क्या है?
    • उनकी अपील है कि संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत सरकार शांति के लिए कदम उठाएं।
  5. क्या मौलाना की सलाह सिर्फ मुसलमानों के लिए है?
    • नहीं, उनकी सलाह सभी वर्गों के लोगों के लिए है, जो शांति की दिशा में कदम बढ़ाना चाहते हैं।

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