Jharkhand News:गिरिडीह में लोन के नाम पर महिला शोषण का मामला,SP की कठोर कार्रवाई

Jharkhand News:गिरिडीह में लोन के नाम पर महिला शोषण का मामला,SP की कठोर कार्रवाई

Jharkhand: गिरिडीह जिले में हाल के दिनों में हो रहे महिला शोषण के मामलों ने समाज को चौंका दिया है और इस पर SP दीपक कुमार शर्मा ने कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इस लेख में हम इस गंभीर मुद्दे पर गहन छानबीन करेंगे और जानेंगे कैसे एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी के कारण महिलाएं कर्ज के बोझ में फंसी हैं और उन्हें शोषित किया जा रहा है।

माइक्रोफाइनेंस कंपनियों का शोषण:

गिरिडीह एसपी दीपक कुमार शर्मा ने हाल के एक घटना के बारे में गहन छानबीन की है, जिसमें पाचंबा क्षेत्र की पेठियाटांड निवासी 40 वर्षीय पूनम देवी ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में न केवल जिले में हंगामा मचा है, बल्कि पुलिस प्रशासन भी इस पर सख्ती से कार्रवाई कर रहा है।

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पूनम देवी के पति मुकेश साहा ने बताया कि उनकी पत्नी ने कारोबार के लिए एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी से कर्ज लिया था और समय पर किस्तें भी भरती थीं। लेकिन एक दिन अचानक दो किस्तें एक साथ चुकाने की मांग की गईं, जिसके बाद पूनम को टॉर्चर किया गया और उसे धमकियां भी मिलीं। बल्कि एसकेएस के ब्रांच मैनेजर ने भला बुरा कहने के साथ धमकी भी दी थी,इसके बाद ही उसने आत्महत्या का रास्ता चुना।

एसपी के निर्देश: एसकेएस कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई

इस मामले में एसपी दीपक कुमार शर्मा ने गहन छानबीन करने के बाद एक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की और उन्होंने जांच पूरी होने तक एसकेएस कंपनी के ऑफिस को सील करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, एसपी ने आत्महत्या के मामले में मृतका के पति के आरोपों की जांच के लिए भी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की है।

वहीं आत्महत्या मामले में मृतका के प्रति मुकेश साहा के लिखित आवेदन पर अभिषेक कुमार पिता अनिल राम, रितु कुमारी पिता विनोद राम, एसकेएस फाइनेंस कंपनी की रिकवरी एजेंट पम्मी कुमारी पिता अजय यादव साकीन अलकापुरी चौक सभी थाना पाचंबा जिला गिरिडीह और एसकेएस फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर के खिलाफ कांड संख्या 331/2023 के तहत प्राथमिक की दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिसमें डराने धमकाने के साथ आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप लगाया गया है.

कड़ी नजर: फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे मामले

पाचंबा थाना प्रभारी मुकेश दयाल सिंह भी मौके पर मौजूद थे जहां एसपी ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है.इस मुद्दे में गिरिडीह जिले में पहले ही तीन घटनाएं सामने आईं हैं, जिनमें फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट्स द्वारा महिलाओं के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न और बदतमीजी के आरोप हैं। इसके चलते महिलाएं आत्महत्या की राह पर चल रहीं हैं।

एक सकारात्मक कदम: न्यायपालिका की तरफ से गाइडेंस का आदान-प्रदान

एक सकारात्मक दृष्टिकोण से इस समस्या का समाधान निकालने के लिए न्यायपालिका ने तत्परता दिखाई है और एसपी दीपक कुमार शर्मा के नेतृत्व में मजिस्ट्रेट की नियुक्ति इसका एक उदाहरण है। इससे आगे चलकर, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इस प्रकार के घटनाओं का सख्त से सख्त निर्णय होता है और जनता को सुरक्षित महसूस होता है।

समाप्ति की दिशा: एक सामाजिक जागरूकता

इस लेख के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करते हैं कि समाज में इस प्रकार के मामलों के खिलाफ जागरूकता फैलती रहे और यह एक सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में कदम बढ़ाता है।

इसमें हमारी कोशिश है कि आप यह आलेख पढ़कर समझें कि इस तरह की मामलों के खिलाफ आवाज उठाना महत्वपूर्ण है और न्यायपालिका और प्रशासन के सकारात्मक कदमों का समर्थन करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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