Jharkhand Paper Leak Law:-झारखंड पेपर लीक कानून: प्रतियोगी परीक्षाओं को सुरक्षित बनायेगे

Jharkhand Paper Leak Law:-झारखंड पेपर लीक कानून: प्रतियोगी परीक्षाओं को सुरक्षित बनायेगे

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और नकल को रोकने के लिए एक सख्त कानून लागू करने का रास्ता साफ हो गया है. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने विधानसभा में पारित विधेयक को मंजूरी दी है, जिससे इस कानून को शीघ्रता से लागू किया जाएगा।

Jharkhand Paper Leak Law:-झारखंड पेपर लीक कानून: प्रतियोगी परीक्षाओं को सुरक्षित बनायेगे

सख्त दंड और जुर्माना

झारखण्ड के प्रतियोगिता परीक्षा में लगातार धांधली को देखते हुवे झारखण्ड सरकार ने एक ठोस निर्णय लिया गया है,जिसके द्वारा प्रतियोगिता परीक्षा में नक़ल की संभावना या धांधली की आशंका बिलकुल न के बराबर हो जाएगी ,झारखण्ड सरकार और राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने विधानसभा में एक प्रतियोगिता परीक्षा अधिनियम 2023 लाने का विचार कर रही है जिसके अंतरगर्त कठोर सजा का प्रावधान रखा गया है।

इस कानून में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने पर कड़ी सजा है. पहली बार पकड़े जाने पर कम से कम एक वर्ष की जेल और पांच लाख रुपए का जुर्माना होगा. दूसरी बार पकड़े जाने पर तीन साल की सजा और 10 लाख रुपए का जुर्माना होगा. संबंधित अभ्यर्थी को 10 वर्षों तक किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित नहीं होने की सजा होगी।

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सख्त प्रावधान

झारखण्ड सरकार द्वारा लगातार झारखण्ड के युवाओ के लिए प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करती रहती है लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक,प्रशनपत्र आउट जैसे कारणों के कारन परीक्षा रद्द करना पड़ जाता था जिससे विद्यार्थीगण काफी निराश और हताश हो जाते थे साथ ही साथ उनका पैसा,समय और उम्रसीमा तीनो ही वयर्थ चला जाता था ,जिसको देखते हुवे झारखण्ड सरकार द्वारा आरोपियों को कठोर दंड देने का प्रावधान रखा है।

पेपर लीक और नकल से जुड़े मामलों में इस कानून में सबसे सख्त प्रावधान हैं. परीक्षाओं के संचालन से जुड़े व्यक्तियों, एजेंसियों, प्रिंटिंग प्रेस, और षड्यंत्र में शामिल लोगों के खिलाफ कड़े कार्रवाई का प्रावधान किया गया है. अगर कोई ऐसा व्यक्ति है जो साजिशकर्ता की भूमिका निभाता है, तो उसे 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है, और 2 करोड़ से 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना भी हो सकता है।

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निष्कर्षण

झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 कहा जायेगा ,यह कानून राज्य लोक सेवा आयोग, राज्य कर्मचारी चयन आयोग, भर्ती एजेंसियों, निगमों, और निकायों द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं में लागू होगा. इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्ठा और न्यायपूर्णता में सुनिश्चितता होगी।

समाप्ति

झारखंड पेपर लीक कानून के लागू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं में न्यायपूर्णता में बढ़ोतरी होगी.इसके अंतरगर्त किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा ,पेपरलीक या नक़ल से सम्बंधित कोई कर्मचारी या प्रतिभागी पकड़ा जाता है उससे उक्त नियमो के आधार पर सजा का भागी माना जायेगा इससे भ्रांतियों और अनैतिकता को रोकने में सफलता हासिल की जा सकती है, और आगामी पीढ़ियों को एक सुरक्षित और ईमानदार परीक्षा प्रणाली का लाभ होगा।

FAQ:-

1. प्रश्न: पेपर लीक कानून क्या है और यह झारखंड में कैसे कारगर होगा?

उत्तर: पेपर लीक कानून झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और नकल को रोकने के लिए बनाया गया है. यह कानून सख्त दंड और जुर्माना का प्रावधान करता है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की न्यायपूर्णता में सुनिश्चितता होगी.

2. प्रश्न: झारखंड पेपर लीक कानून किस प्रकार से लागू होगा?

उत्तर: झारखंड पेपर लीक कानून राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू होगा, जब राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की जाएगी.

3. प्रश्न: क्या इस कानून के तहत किसी को जेल और जुर्माना हो सकता है?

उत्तर: हां, इस कानून के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक या नकल करने वाले को कड़ी सजा और जुर्माना हो सकता है, जिसमें आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना शामिल है.

4. प्रश्न: क्या इस कानून से न्यायपूर्णता में सुधार होगा?

उत्तर: हां, यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रांतियों और अनैतिकता को रोकने में सहायक होगा और न्यायपूर्णता में सुधार करेगा.

5. प्रश्न: क्या इस कानून का लागू होना सभी प्रतियोगी परीक्षाओं पर होगा?

उत्तर: हां, यह कानून राज्य लोक सेवा आयोग, राज्य कर्मचारी चयन आयोग, भर्ती एजेंसियों, निगमों, और निकायों द्वारा आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं पर लागू होगा।

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