Jharkhand News:-झारखंड में शिक्षकों का प्रदर्शन,किया झामुमो कार्यालय का घेराव

Jharkhand News:-झारखंड में शिक्षकों का प्रदर्शन,किया झामुमो कार्यालय का घेराव

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परिचय: शिक्षकों का आंदोलन

झारखंड में सैकड़ों शिक्षकों ने वेतनमान तय करने की मांग को लेकर रांची में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय कार्यालय का घेराव किया।शिक्षकों ने 81 दिनों से राजभवन के पास प्रदर्शन किया है,उन्होंने दावा किया कि जेटीईटी परीक्षा में सफलता के बावजूद, उनका वेतनमान अभी तक तय नहीं हुआ है। Jharkhand News:-झारखंड में शिक्षकों का प्रदर्शन,किया झामुमो कार्यालय का घेराव

शिक्षकों की मांग: वेतनमान की अव्यवस्था

शनिवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीईटी) उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों ने अपना वेतनमान तय नहीं होने का विरोध जताया।उन्होंने दावा किया कि जेटीईटी परीक्षा में सफलता के बावजूद, उनका वेतनमान अभी तक तय नहीं हुआ है। इस अव्यवस्था को अंग्रेजी में “injustice” कहा गया है।झामुमो के सदस्य सीमांत घोषाल ने बताया, “हमें अपनी एकमात्र मांग यानी वेतनमान की तय करने की लड़ाई लड़नी है।”घोषाल ने बताया कि जून 2020 में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इन शिक्षकों के वेतनमान प्रदान करने की अनुशंसा की गई थी।

सरकारी सुझाव: महाधिवक्ता की बातचीत

प्रदर्शनकारी शिक्षक ने बताया, “सरकार ने हमारे मुद्दे पर महाधिवक्ता से भी सुझाव लिये थे, जिन्होंने टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को वेतनमान देने की संभावना बताई।”लेकिन उसके बाद से अभी तक हेमंत सरकार हमें सिर्फ दिलासा ही देती आई है।

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अनशन और प्रदर्शन: शिक्षकों का संघर्ष

शिक्षकों ने 81 दिनों से राजभवन के पास प्रदर्शन किया है, अपनी मांग के समर्थन में झामुमो कार्यालय का घेराव किया।घोषाल ने कहा, “आज हमने झामुमो कार्यालय का घेराव किया और उनके महासचिव विनोद कुमार पांडे से मुलाकात की, जिन्होंने हमारी मांग को स्वीकार किया और हमें आश्वासन दिया कि वह सरकार तक हमारी मांग पहुंचाएंगे।”शिक्षकों ने धमकी दी कि उचित तरीके से विचार नहीं होने पर वे अपना प्रदर्शन तेज करेंगे और 15 नवंबर को राज्य के स्थापना दिवस के उत्सव के दौरान आंदोलन करेंगे।

समर्थन और आश्वासन: झामुमो का प्रतिबद्धता

झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडे ने कहा, “टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पारा शिक्षकों के वेतनमान तय करने की मांग में हम सहमत हैं।”पांडे ने जोर दिया, “मैंने उनकी बात गंभीरता से सुनी है और उन्हें आश्वासन दिया है कि मैं उनकी मांग सरकार तक पहुंचाऊंगा और उचित कार्रवाई का अनुरोध करूंगा।”

संघर्ष का समापन

आरंभिक प्रदर्शन के बाद, शिक्षकों की आशा है कि सरकार उनकी मांगों का समर्थन करेगी।लेकिन उसके बाद से अभी तक हेमंत सरकार सिर्फ दिलासा ही देती आई है,शिक्षकों ने 81 दिनों से राजभवन के पास प्रदर्शन किया है, अपनी मांग के समर्थन में झामुमो कार्यालय का घेराव किया,लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं हुवी है जिससे टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पारा शिक्षकों को अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुवी है ।

5 अनूठे प्रश्नों का समाधान

1 क्या शिक्षकों की मांग उचित है?

हाँ, शिक्षकों की मांग उचित है क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी कड़ी मेहनत के बावजूद वेतनमान की अव्यवस्था का सामना किया है।

2 क्या सरकार उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करेगी?

हाँ, सरकार ने शिक्षकों की मांग पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है और उचित कार्रवाई करने का वादा किया है।

3 क्या शिक्षकों का अधिकार है अपनी मांग को आगे बढ़ाने का?

बिल्कुल, शिक्षकों का अधिकार है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा करें और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करें।

4 क्या आंदोलन के माध्यम से समाधान संभव है?

हाँ, शिक्षकों का आंदोलन सकारात्मक समाधान की दिशा में कदम बढ़ा सकता है और सरकार को उचित तरीके से विचार करने पर मजबूती मिलेगी।

5 क्या यह आंदोलन सामाजिक बदलाव की दिशा में कदम है?

हाँ, शिक्षकों का आंदोलन सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में न्यायपूर्णता और समानता का अधिकार मिलेगा।

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