Rajmahal News:-रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख की ठगी 2 गिरफ्तार

Rajmahal News:-रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख की ठगी 2 गिरफ्तार

हाल की घटनाओं में धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें रेलवे क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का वादा करने वाली एक फर्जी योजना का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस व्यापक नौकरी घोटाले को अंजाम देने के आरोपी दो व्यक्तियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। यह लेख घोटाले और उसके बाद की कानूनी कार्रवाइयों के विवरण पर प्रकाश डालता है।

मामले की पृष्ठभूमि

कहानी की शुरुआत साहिबगंज से होती है, जहां आशीष कुमार यादव नामक व्यक्ति धोखे के जाल में फंस गया। दो संदिग्धों, अमित कुमार और अनिल कुमार ने कथित तौर पर आशीष को साहिबगंज राजमहल में रेलवे की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया और इस प्रक्रिया में छह लाख की मोटी रकम वसूली।

वादा की गई रकम मिलने के बाद आशीष को धनबाद बुलाया गया और एक होटल में ठहराया गया। संदेह तब पैदा हुआ जब बाद में उन्हें दोबारा बुलाया गया, जिससे नौकरी की पेशकश की प्रामाणिकता पर चिंता बढ़ गई।

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गड़बड़ी के डर से आशीष ने धनबाद पुलिस से संपर्क किया और उन्हें जाल बिछाने के लिए प्रेरित किया। संदिग्धों को शनिवार को रणबीर वर्मा स्टेडियम के पास से पकड़ा गया, जिससे फर्जी रेलवे नौकरी रैकेट का खुलासा हुआ।गिरफ्तार होने वालों में झरिया निवासी अमित कुमार और साहिबगंज सरकंडा निवासी अनिल कुमार हैं।

पीड़ित की गवाही

पुलिस के साथ एक साक्षात्कार में, आशीष कुमार यादव ने अपने साथ हुई परेशानी पर प्रकाश डाला। उनके मुताबिक, शुरुआती संपर्क साहिबगंज में अनिल कुमार यादव से हुआ, जिसने उन्हें रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर धोखे के जाल में फंसाया.

  • घोटाले का घटनाक्रम
    1. प्रारंभिक बैठक
    आशीष ने बताया कि कैसे अनिल कुमार ने उनसे संपर्क किया और बारह लाख रुपये के बदले रेलवे में नौकरी की पेशकश की।
  • 2. सौदेबाजी और समझौता
    आशीष की अनिच्छा का सामना करते हुए, अंततः दस लाख में सौदा हुआ और सितंबर 2023 में पैसे का आदान-प्रदान हुआ।
  • 3. स्थानांतरण की श्रृंखला
    पैसों के लेन-देन के बाद अनिल आशीष को जमशेदपुर ले गया और एक होटल में ठहराया। नवंबर में धनबाद में स्थानांतरण के साथ यह गाथा जारी रही, जहां आशीष की मुलाकात एक अन्य साजिशकर्ता अमित कुमार से हुई।
  • 4. विस्तारित प्रवास और संदेह
    आशीष कई दिनों तक धनबाद में एक होटल में रहा. दिसंबर में ही संदेह सामने आने लगा, जिससे उन्हें पुलिस हस्तक्षेप की मांग करनी पड़ी।

निष्कर्ष

यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना रोजगार के अवसरों की तलाश में सतर्कता की आवश्यकता की स्पष्ट याद दिलाती है। रेलवे में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को सावधानी बरतनी चाहिए और ऐसे घोटालों का शिकार होने से बचने के लिए प्रस्तावों की वैधता की जांच करनी चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

1. रेलवे क्षेत्र में नौकरी घोटाले कितने प्रचलित हैं?
नौकरी घोटाले, हालांकि व्यापक नहीं हैं, होते रहते हैं। किसी भी नौकरी की पेशकश पर भरोसा करने से पहले गहन शोध और सत्यापन करना महत्वपूर्ण है।

2. नौकरी चाहने वाले घोटालों का शिकार होने से बचने के लिए क्या सावधानियां बरत सकते हैं?
नौकरी चाहने वालों को आधिकारिक चैनलों के माध्यम से नौकरी की पेशकश की पुष्टि करनी चाहिए, संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए और पहले से भारी भुगतान करने से बचना चाहिए।

3. इस मामले को संभालने में पुलिस कितनी उत्तरदायी थी?
धनबाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और पीड़ित को त्वरित न्याय सुनिश्चित कराया।

4. क्या रेलवे नौकरी घोटाले एक क्षेत्रीय मुद्दा हैं, या ये देश भर में होते हैं?
जबकि यह घटना साहिबगंज में हुई है, नौकरी घोटाला कहीं भी हो सकता है. देश भर में नौकरी चाहने वालों को सतर्क रहना चाहिए।

5. नौकरी घोटालों के पीड़ितों के पास क्या कानूनी सहारा है?
पीड़ित पुलिस में शिकायत दर्ज कर सकते हैं और अपराधियों के खिलाफ आरोप आगे बढ़ाने के लिए कानूनी सहायता मांग सकते हैं।

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