भारत के कुल खनिजों का 40% भाग झारखण्ड में और बेरोजगारी में 04 नंबर पर

भारत के कुल खनिजों का 40% भाग झारखण्ड में और बेरोजगारी में 04 नंबर पर

 

उत्तराखंड सुरंग से बचाए गए 41 श्रमिकों में से 15 केवल झारखण्ड राज्य से थे फंसे हुए श्रमिकों को 422 घंटे बाद बचाया गया और पहला श्रमिक मंगलवार शाम करीब 7:45 बजे बाहर आया,इन्ही श्रमिकों में कुछ नाम है सुखराम बेदिया, अनिल बेदिया और राजेंद्र बेदिया झारखंड के खिराबेरा के मूल निवासी है।

जब इनसे पोछा गया की आपके साथ काम करने वाले लोग कहा से थे तो इन सभी ने बताया की अधिकांश श्रमिक बिहार झारखण्ड ओरिसा नागालैंड मिजोरम महाराष्ट्र आदि राज्यों से थे ,इन सभी श्रमिकों में एक चीज़ समान थी की सभी या तो गरीब थे या इनके पास आय के कोई निश्चित साधन नहीं होना ,इनके परिजन तो मिठाई बांटते हुवे खुश है की इनके सम्बन्धी ठीक है लकिन ये भी जानते है की आज नहीं तो कल ये फिर ऐसी ही किसी परियोजना में अपना पेट पालने के लिए जाना पड़ेगा।

जब हमारे रिपोर्टर्स ने कहा आप सब यही रुककर भी तो कार्य कर सकते है इसपर जवाब देते हुवे कहा की यहाँ पर काम के नाम पर मनरेगा है जहा दिहाड़ी के नाम पर 300 रूपये मिलेंगे या फिर अवैध खनन कार्य वहाँ भी जोखिम बना ही रहता है ,कृषियोग भूमि कम है जिसके द्वारा भी घर नहीं चल सकता है अब बात करते है की आज़ादी के 76 साल बाद भी एक आम नागरिक अपने निवास स्थान में रहकर अपना पालन पोषण को नहीं कर सकता है को उससे अपना घर परिवार छोड़ 2 रोटी कमाने उसे बाहर जाना ही पड़ता है इसका जवाब सिर्फ एक है बेरोजगारी ।

अगर डेटा की बात करे तो केवल पुरे भारत का 40% खनिज झारखण्ड में है जैसे आप कह सकते है कोयला ,बाक्सइट,लोहा, कॉपर,ग्रेफीहिते, और लाइमस्टोन आदि है ,कोल् इंडिया लिमिटेड के अधिकतर सब्सिडी कंपनी झारखण्ड में ही ,इसके बावजूद झारखण्ड के नागरिक पालन पोषण के लिए बाहर जाते है ,अब कुछ लोग कहेगे बेहतर अवसर के लिए आप बाहर जा रहे है तो इसमें क्या बुराई है ,यहाँ भी रहेंगे तो काम ही करेंगे और वहाँ भी रहेंगे तो काम करेंगे,इसका सीधा -सीधा उत्तर न देते हुवे ये मैं आप पर छोड़ता हूँ।

जब आप घर बनाते है तो फाउंडेशन पहले बनाते है या फर्स्ट फ्लोर ,नहीं पहले आप फॉउण्डेशन्स ही बनाते है इसी तरह जब तक आपका वार्ड से लेकर समिति ,मुखिया अपने कार्य क्षेत्र के लिए काम नहीं करेगा तबतक आपके विकाश के लिए विधायक काम नहीं करेगा ,वो सुना ही होगा अक्सर बड़े -बड़े देशो में छोटी -छोटी बाते होती रहती है,विधायक नहीं हल करेगा आपकी समस्या कुकी उसने इस कार्य करने के लिए आपके बीच अपना आदमी रख रखा है जिसका काम है आपके किसी भी समस्या को विधायक तक नहीं जाने देना है।

5 अद्वितीय प्रश्न

1.प्रश्न: झारखंड में भारत के कुल खनिजों का कितना हिस्सा है?

उत्तर: झारखंड में भारत के कुल खनिजों का लगभग 40% हिस्सा है, जिसमें कोयला, बॉक्साइट, लोहा, कॉपर, ग्रेफाइट, और लाइमस्टोन शामिल हैं।

2. प्रश्न: सुरंग से बचाए गए श्रमिकों में से कितने झारखंड से थे, और उन्हें कब बचाया गया था?

उत्तर: 41 श्रमिकों में से 15 केवल झारखंड से थे, और उन्हें 422 घंटे बाद बचाया गया था, पहला श्रमिक मंगलवार शाम करीब 7:45 बजे बाहर आया था।

3. प्रश्न: बेरोजगारी के क्षेत्र में झारखंड कितने स्थान पर है?

उत्तर: भारत के बेरोजगारी में, झारखंड विशेषज्ञता रखता है और इसमें 04 नंबर पर है, जिसे आर्थिक संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है।

4. प्रश्न: रिपोर्ट में उच्चारित गई समस्याएं क्या हैं, जो झारखंड के नागरिकों को काम करने पर मजबूर कर रही हैं?

उत्तर: रिपोर्ट में बेरोजगारी, अवैध खनन, और कम खेती जैसी समस्याएं उच्चारित की गई हैं, जिनसे नागरिकों को अपने परिवार का पालन-पोषण करने में कठिनाई हो रही है।

5. प्रश्न: रिपोर्ट में उचित कार्य नहीं करने पर उत्तरदाताओं की आलोचना का क्या कारण है?

उत्तर: रिपोर्ट में उत्तरदाताओं ने बताया है कि विधायक, मुखिया, और समिति के क्षेत्र में कार्य न करने पर उत्तरदाताओं को सही विकाश नहीं मिलता, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं को हल करने में कठिनाई होती है।

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